Welcome to SURYA BHARTI NEWS   Click to listen highlighted text! Welcome to SURYA BHARTI NEWS
छत्तीसगढ़

सुशासन तिहार : महिला सशक्तिकरण और जल संरक्षण से समृद्ध हो रही रायगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था

रायपुर/मोर गांव मोर पानी अभियान के तहत 400 आजीविका डबरियां और 23 नए तालाबों का हो रहा निर्माण

कुंजेमुरा शिविर में गायत्री मां स्व-सहायता समूह को सौंपी गई आजीविका डबरी

जल संरक्षण अब केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक सक्रिय जनआंदोलन बन गया है, जिसमें मोर गांव मोर पानी अभियान जैसे प्रयासों के माध्यम से आम जनता, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के लिए श्रमदान और जनभागीदारी बढ़ रही है। तालाबों की सफाई, गहरीकरण, और मोर गांव मोर पानी अभियान के माध्यम से ग्रामीणों, विद्यार्थियों और संस्थाओं ने सामूहिक श्रमदान कर इसे एक जन-आंदोलन का रूप दिया है।

रायगढ़ जिले में जल संरक्षण और महिला सशक्तिकरण के मेल से ग्रामीण आजीविका को नई दिशा मिल रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुसार जिले में संचालित “सुशासन तिहार” और “मोर गांव मोर पानी” अभियान अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बन रहे हैं। इसी क्रम में जनपद पंचायत तमनार के ग्राम कुंजेमुरा में आयोजित शिविर के दौरान गायत्री मां स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती सनमेत अगरिया को नवनिर्मित आजीविका डबरी का हस्तांतरण प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया।

स्वावलंबन की ओर बढ़ते कदम

सुशासन तिहार के जन समस्या निवारण शिविर में पूर्व मंत्री सत्यानंद राठिया एवं अन्य जनप्रतिनिधियों ने श्रीमती अगरिया को डबरी का स्वामित्व सौंपा। यह पहल केवल एक भौतिक संरचना का हस्तांतरण नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सम्मान से जोड़ने का एक सशक्त प्रयास है। आजीविका डबरी से होने वाले लाभ में मत्स्य पालन और उद्यानिकी के नए अवसर मिलेंगे। साग-सब्जी उत्पादन और जलीय फलों की खेती के साथ ग्रामीण परिवारों की आय में स्थायी वृद्धि।

जल संरक्षण बना जनआंदोलन

रायगढ़ जिले में पिछले दो वर्षों से “जल संकल्प” अभियान के माध्यम से जल संचय को एक जनआंदोलन का रूप दिया गया है। इसी कड़ी में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण कार्य प्रगति पर हैं। मनरेगा के माध्यम से 400 से अधिक डबरियों का निर्माण किया जा रहा है, जिन्हें मई अंत तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।

सीईओ जिला पंचायत अभिजीत बबन पठारे ने कहा कि इस परियोजना के अंतर्गत 23 नए तालाबों का निर्माण हो रहा है, जिन्हें विशेष रूप से महिला समूहों की आर्थिक गतिविधियों के लिए विकसित किया जा रहा है। शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का वास्तविक ध्येय है। आजीविका डबरी का हस्तांतरण ग्रामीण महिलाओं के स्वावलंबन की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

कुंजेमुरा शिविर में ग्रामीणों ने न केवल शासन की योजनाओं की जानकारी ली, बल्कि जल संरक्षण और स्वरोजगार के प्रति भारी उत्साह भी दिखाया। प्रशासन की यह नवाचारपूर्ण पहल रायगढ़ को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक आदर्श जिले के रूप में स्थापित कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!