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छत्तीसगढ़

समाधान शिविर में 'किसान किताब' पाकर खिल उठे नारायणपुर के किसानों के चेहरे

रायपुर/छत्तीसगढ़ शासन की जन-कल्याणकारी पहल के तहत नारायणपुर जिले में शिविरों का आयोजन कर किसानों को ‘किसान किताब’ (ऋण पुस्तिका) का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है, जिससे लंबे समय से अटके राजस्व कार्यों का समाधान होने पर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। ​नारायणपुर जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों में ‘सुशासन तिहार 2026’ की धूम रही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित समाधान शिविर ग्रामीण जनता के लिए एक वरदान साबित हुए। शासन और जनता के बीच की दूरी को कम करते हुए ये शिविर गांवों में ही लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। इसी सुशासन की एक बेहद खूबसूरत और संतोषजनक तस्वीर हाल ही में ग्राम गौरदंड के समाधान शिविर में देखने को मिली।

​गांव में ही हुआ समस्या का समाधान

​ आमतौर पर किसानों को अपनी भूमि और कृषि संबंधी दस्तावेजों के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं, जिससे उनका कीमती समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। लेकिन सुशासन तिहार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है।
​ग्राम गौरदंड में आयोजित विशेष समाधान शिविर में जब ग्राम चमेली के किसान बोतनी और ग्राम गौरदंड के ही किसान प्यारेलाल बेलसारिया पहुंचे, तो उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका काम इतनी जल्दी हो जाएगा। दोनों किसानों ने ‘किसान किताब’ (ऋण पुस्तिका) के लिए आवेदन किया था। जिला प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए शिविर के दौरान ही मौके पर दोनों के आवेदनों का निराकरण किया और उन्हें मंच पर ससम्मान ‘किसान किताब’ सौंपी।

​ किसान किताब हाथ में आते ही दोनों ही अन्नदाताओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। अपनी इस खुशी को साझा करते हुए किसानों ने बताया कि किसान किताब उनके कृषि कार्यों के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इसके बिना खेती-किसानी से जुड़ी कई बुनियादी सुविधाएं अधूरी रह जाती हैं। इस किताब की मदद से अब उन्हें ​शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ के साथ कृषि विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ना आसान होगा। बैंकों से खेती के लिए आसान लोन मिल सकेगा। सोसायटियों से समय पर उन्नत बीज और खाद प्राप्त करने में सुविधा होगी।

​अन्नदाताओं ने जताया मुख्यमंत्री का आभार

ग्राम चमेली के किसान बोतनी ने कहा कि शासन की यह पहल हम जैसे ग्रामीण किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी है। किसान किताब मिलने से अब मुझे कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ लेने में कोई परेशानी नहीं होगी। हमें दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई। इसी तरह प्यारेलाल बेलसारिया ने कहा कि समाधान शिविर के माध्यम से हमारी समस्या का इतनी जल्दी निराकरण होगा, ऐसा सोचा नहीं था। मैं इस व्यवस्था से बेहद संतुष्ट हूँ। हमारी सुध लेने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का दिल से आभार। अब शासन की योजनाओं का लाभ सीधे हमारे गांवों तक पहुंच रहा है।

​मजबूत होता जन-संवाद

उल्लेखनीय है कि नारायणपुर जिले के विभिन्न ग्रामों में सुशासन तिहार 2026 के तहत लगातार समाधान शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि मौके पर ही उनका ‘समाधान’ करना है।

​दस्तावेजों की हेरफेर और दफ्तरों की भागदौड़ से मुक्त

गांव के चौपाल पर ही मिल रही इन शासकीय सेवाओं से ग्रामीणों का प्रशासन पर भरोसा और मजबूत हुआ है। नारायणपुर के किसानों के चेहरों की यह मुस्कान साफ बयां कर रही है कि सूबे में सुशासन की बयार अब कतार के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है।

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