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छत्तीसगढ़

धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य

रायपुर/पोटियाडीह में औषधीय खेती से स्व-सहायता समूह महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल – मंत्री केदार कश्यप

गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह को मंत्री कश्यप ने सौंपी 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि

​वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता तथा संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने आज धमतरी जिले के ग्राम पोटियाडीह का दौरा कर जिला प्रशासन की पहल पर विकसित औषधीय पौधों की खेती और महिला स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित नर्सरी का गहन अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय खेती को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका का सशक्त माध्यम बताते हुए समूहों का उत्साहवर्धन किया। धमतरी जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है।

​निरीक्षण के दौरान मंत्री कश्यप ने गायत्री-इंदिरा स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी गतिविधियों की जानकारी ली। महिलाओं ने बताया कि वे वर्तमान में लगभग चार एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी और खस जैसी उच्च मांग वाली औषधीय फसलों का उत्पादन कर रही हैं। मंत्री ने उनके प्रयासों की सराहना करते हुए समूह को उत्पादन विस्तार के लिए 65 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि का चेक प्रदान किया।

औषधीय पौधों की बढ़ती मांग ग्रामीण महिलाओं की आय का बेहतरीन जरिया

​ इस अवसर पर मंत्री कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार प्राकृतिक संसाधनों पर आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देने और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। औषधीय पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह क्षेत्र ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का एक बेहतरीन जरिया बन रहा है।

औषधीय खेती का विस्तार ​600 एकड़ में करने का लक्ष्य

​कलेक्टर धमतरी ने बताया कि जिले में अनुपयोगी भूमि का उत्पादक उपयोग करने और महिलाओं को आजीविका से जोड़ने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। जिले के लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में ब्राह्मी, खस, बच, सिंदूरी एवं शतावरी की खेती की जा रही है। आने वाले चरण में इसका दायरा बढ़ाकर 600 एकड़ तक करने की योजना है। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि विविधीकरण, स्थानीय स्तर पर रोज़गार सृजन, मूल्य संवर्धन और उत्पादों को सीधे बाज़ार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है। ​इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सीईओ, वनमंडलाधिकारी सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और स्व-सहायता समूहों की सदस्य उपस्थित थीं।

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