मानकों को ताक पर रखकर सीसी सड़क निर्माण का आरोप,सीएमओ बोले - गड़बड़ी मिली तो तुड़वाकर दुबारा बनवाएंगे।

कुसमी/ नगर पंचायत कुसमी के वार्ड क्रमांक 2 में बन रही सीसी सड़क के निर्माण में भारी अनियमितता और मानकों की अनदेखी का मामला सामने आया है। लगभग 5 लाख 30 हजार रुपये की लागत से बन रही इस सड़क को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताविहीन कार्य कराया जा रहा है, जिससे सड़क के टिकाऊपन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस समय हो रही लगातार बारिश के बीच ही सड़क की ढलाई का कार्य किया जा रहा है। बारिश के पानी के कारण कंक्रीट के मिश्रण में पानी की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो रही है, जिससे सीमेंट की पकड़ कमजोर हो जाएगी। इसके अलावा, तकनीकी मानकों के अनुसार सीसी सड़क निर्माण में हर 10 मीटर पर ‘विस्तार जोड़’ (एक्सपेंशन जॉइंट) के लिए थर्माकोल लगाना अनिवार्य होता है। मौके पर इस नियम को पूरी तरह हवा में उड़ा दिया गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरा निर्माण कार्य बिना किसी सब-इंजीनियर या तकनीकी अधिकारी की निगरानी के, पूरी तरह ठेकेदार के भरोसे चल रहा है।

सीएमओ पर कमीशनखोरी का भी लगा आरोपमामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया जब स्थानीय सूत्रों ने नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) पर ठेकेदारों से 10 प्रतिशत कमीशन लेने का गंभीर आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप के संबंध में अब तक कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं आया है।जांच में गड़बड़ी मिली तो टूटेगी सड़क: सीएमओइस पूरे विवाद पर जब नगर पंचायत कुसमी के सीएमओ अरविंद विश्वकर्मा से बात की गई, तो उन्होंने कहा, “मामला मीडिया के माध्यम से मेरे संज्ञान में आया है। हम निर्माण कार्य की तकनीकी जांच करवाएंगे।

यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या घटिया निर्माण की पुष्टि होती है, तो सड़क को तुड़वाकर ठेकेदार से दोबारा बनवाया जाएगा।” कमीशन के आरोपों पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह आरोप पूरी तरह निराधार हैं, उन्होंने न तो किसी से पैसे मांगे हैं और न ही कोई कमीशन लिया है।अब स्थानीय जनता की नजरें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि इस घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोपों पर उच्च अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।





