टेक्नोलॉजीराजस्थान
*राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा आठ नए संकाय की स्थापना और उनके डीन की नियुक्ति*
*नवीन संकाय शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं बहुविषयक शिक्षा प्रदान करेंगे नई दिशा : प्रो. निमित चौधरी,कुलगुरू*

कोटा, 4 जून, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.निमित रंजन चौधरी द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन एवं तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों के बेहतर संचालन एवं अकादमिक नेतृत्व को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न विषय-आधारित आठ नए संकायों (फैकल्टीज) का गठन कर इन नवगठित संकायों के सफल संचालन हेतु आठ नए डीन की नियुक्त की गई है। आरटीयू के सह जनसम्पर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि *नवगठित विभागों में अंतर्गत प्रो. एम.पी. चौधरी–डीन फैकल्टी ऑफ बिल्ट एनवायरनमेंट, प्रो. एम.पी. चौधरी–डीन फैकल्टी ऑफ बिल्ट एनवायरनमेंट, प्रो. वीरेन्द्र गुप्ता–डीन फैकल्टी ऑफ मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग, प्रो. संदीप कुमार पराशर–डीन फैकल्टी ऑफ मैकेनिकल एंड एप्लाइड इंजीनियरिंग, प्रो.लोकेश थरानी–डीन फैकल्टी ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग,प्रो.एस.आर.कपूर–डी न फैकल्टी ऑफ एनर्जी एंड एनवायरनमेंट, प्रो. मंजू नायर–डीन फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, प्रो. मनीषा व्यास–डीन फैकल्टी ऑफ आर्ट्स, प्रो. डी.एन. व्यास–डीन फैकल्टी ऑफ साइंसेज को नियुक्त किया गया है।* यह निर्णय विश्वविद्यालय में शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुसंधान संवर्धन तथा उद्योग-शिक्षा समन्वय को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


*कुलगुरु प्रो.निमित रंजन चौधरी ने नव नियुक्त डीनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि* उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा विश्वविद्यालय राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और अधिक मजबूत करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन संकायों के गठन से विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। प्रो.चौधरी ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप विषय-विशेष आधारित शैक्षणिक प्रशासन की आवश्यकता को देखते हुए इन संकायों का गठन किया गया है। नवगठित संकायों के अंतर्गत संबंधित विभागों की शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी, गुणवत्ता सुधार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, विद्यार्थियों के कौशल विकास तथा उद्योगोन्मुख कार्यक्रमों के संचालन की जिम्मेदारी संबंधित डीन के पास होगी। इससे इंजीनियरिंग-साइंस- आर्ट्स के क्षेत्र में पाठ्यक्रम विकास,अनुसंधान परियोजनाओं, नवाचार गतिविधियों तथा उद्योगों के साथ सहयोग को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
*कुलगुरु प्रो.निमित रंजन चौधरी ने कहा कि* वर्तमान समय में उच्च शिक्षा में बहु विषयक मल्टीडिसीप्लिनरी एवं इंट्रडिसीप्लिनरी शिक्षा को बढ़ावा देना राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रमुख उद्देश्य है। इसी दृष्टिकोण के अनुसरण में विश्वविद्यालय ने पारंपरिक एवं विषय-केंद्रित आठ नवीन संकायों का गठन किया है। कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी ने कहा कि नई संकाय व्यवस्था विश्वविद्यालय में अकादमिक स्वायत्तता, अनुसंधान संस्कृति, नवाचार तथा बहु विषयक शिक्षा को नई दिशा प्रदान करेगी। इससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप लचीले एवं बहुविषयक अध्ययन के अवसर प्राप्त होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया है कि नव नियुक्त डीनों के नेतृत्व में नवीन संकाय शिक्षण, अनुसंधान, उद्योग-संस्थान सहयोग तथा अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और आरटीयू को राष्ट्रीय स्तर पर एक अग्रणी तकनीकी विश्वविद्यालय के रूप में स्थापित करने में सहायक सिद्ध होंगे।



