छत्तीसगढ़

नीट-यूजी 2026 की विफलता पर आदित्येश्वर शरण सिंह देव का केंद्र सरकार पर तीखा हमला; शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग। यह एक प्रशासनिक चूक नहीं, लाखों परिवारों की आशाओं की हत्या है।* अम्बिकापुर/आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के बार-बार निरस्त होने पर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे देश के करोड़ों युवाओं के साथ 'संगठित विश्वासघात' करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा की "सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के छात्र बड़ी मुश्किल से कोचिंग और किताबों का खर्च उठाते हैं। 2024 की गलतियों को दोहराना यह साबित करता है कि प्रशासनिक तंत्र में सुधार की कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखती है। यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं की हत्या है।

अम्बिकापुर/आदित्येश्वर शरण सिंह देव ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के बार-बार निरस्त होने पर केंद्र की भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने इसे देश के करोड़ों युवाओं के साथ ‘संगठित विश्वासघात’ करार देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।

उन्होंने कहा की “सरगुजा जैसे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के छात्र बड़ी मुश्किल से कोचिंग और किताबों का खर्च उठाते हैं। 2024 की गलतियों को दोहराना यह साबित करता है कि प्रशासनिक तंत्र में सुधार की कोई इच्छाशक्ति नहीं दिखती है। यह केवल एक प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की आशाओं की हत्या है। हम मांग करते हैं कि NTA के पूरे सिस्टम में पूर्ण सुधार किया जाए और इस बार जवाबदेही केवल कागजों तक सीमित न रहे।”

आदित्येश्वर ने NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, “यह अत्यंत शर्मनाक है कि 2024 के बड़े विवाद और पेपर लीक के बावजूद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने ढांचे में कोई सुधार नहीं किया। जिस संस्था के पास 25 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने के लिए मात्र 25 स्थायी सदस्य हों और जो पूरी तरह निजी आउटसोर्सिंग के भरोसे चल रही हो, उससे पारदर्शिता की उम्मीद करना बेमानी है।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर प्रहार करते हुए कहा, “भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार केवल विज्ञापनों में चलती है, हकीकत में यह युवाओं के सपनों को कुचलने वाला इंजन बन चुकी है। 2024 की गलतियों से सबक न लेना यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार के पास न तो कोई विजन है और न ही युवाओं के प्रति कोई संवेदना। केवल जांच का ढोंग करने से काम नहीं चलेगा; जब तक शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेकर अपना पद नहीं छोड़ते, तब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।”

आदित्येश्वर ने इस पूरे प्रकरण की समयबद्ध न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों के छात्रों का भविष्य इस ‘भ्रष्ट सिस्टम’ की भेंट नहीं चढ़ने दिया जाएगा।

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