छत्तीसगढ़

वनांचलों में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ और ‘सुशासन तिहार’ से बदला माहौल’

रायपुर/गांवों में पहुंचकर कलेक्टर और सीईओ ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं’

सुकमा जिले के दूरस्थ वनांचलों में इन दिनों ‘सुशासन तिहार’, ‘जनजातीय गरिमा उत्सव’ और ‘जनभागीदारी अभियान’ के माध्यम से विकास और जनसंपर्क का नया माहौल दिखाई दे रहा है। शासन की इस पहल का उद्देश्य जनजातीय समुदायों को शासकीय योजनाओं से जोड़ना और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। छिंदगढ़, सुकमा और कोंटा विकासखंड के गांवों में आयोजित शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की जानकारी और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

इसी क्रम में कलेक्टर अमित कुमार और जिला पंचायत सीईओ मुकुंद ठाकुर ने छिंदगढ़ विकासखंड के सुर्रेपाल, जांगड़पाल और मुड़वाल गांवों में आयोजित शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों अधिकारी औपचारिक मंच के बजाय जमीन पर ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर बैठे और उनकी समस्याएं तथा मांगें सुनीं। अधिकारियों ने कई समस्याओं के समाधान के लिए मौके पर ही संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। अधिकारियों को अपने बीच सहज रूप में पाकर ग्रामीणों ने खुशी जताई।

ट्रांसेक्ट वॉक से समझीं ग्रामीणों की जरूरतें’

अभियान के दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गांवों में ‘ट्रांसेक्ट वॉक’ यानी पैदल भ्रमण भी किया। इस दौरान टीम ने गांवों के रास्तों, संसाधनों और ग्रामीणों की रोजमर्रा की समस्याओं को नजदीक से समझा। ग्रामीणों ने कहा कि अब प्रशासन गांव तक पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहा है, जिससे शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
शिविरों में मिली कई सुविधाएं’

सुशासन शिविरों में ग्रामीणों को डिजिटल सेवाएं, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेजों में सुधार जैसी सुविधाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। इससे लोगों को ब्लॉक मुख्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिली।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा दवाइयों का वितरण भी किया गया। इसके अलावा कृषि, महिला एवं बाल विकास, पंचायती राज और अन्य विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, जल संरक्षण और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी और प्रशासन की संवेदनशील पहल से यह अभियान वनांचलों में सुशासन और जनविश्वास का मजबूत उदाहरण बन रहा है।

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