छत्तीसगढ़

बच्चों की मुस्कान लौटीः बछरूडूबा आंगनबाड़ी भवन मुक्त होने से फिर शुरू हुई पोषण और शिक्षा की गतिविधियां

रायपुर/प्रशासन की तत्पर पहल से बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती माताओं को दोबारा मिलने लगीं आंगनबाड़ी सेवाएं

बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए बलरामपुर जिला प्रशासन ने विकासखंड वाड्रफनगर के ग्राम पंडरी स्थित बछरूडूबा आंगनबाड़ी भवन को मुक्त कराकर पुनः महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया है। इसके साथ ही केंद्र में संचालित होने वाली सभी सेवाएं नियमित रूप से प्रारंभ हो गई हैं, जिससे क्षेत्र के बच्चों और माताओं को बड़ी राहत मिली है।

कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वाड्रफनगर के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त प्रयासों से यह कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि आंगनबाड़ी भवन का उपयोग अन्य प्रयोजनों के लिए किया जा रहा था, जिसके कारण केंद्र का संचालन बाधित हो रहा था और बच्चों को मिलने वाली आवश्यक सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं।

प्रशासन ने 25 जून 2026 को राजस्व विभाग की टीम, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर की उपस्थिति में संबंधित पक्ष की सहमति से भवन का ताला खुलवाकर उसे खाली कराया तथा विधिवत महिला एवं बाल विकास विभाग को पुनः सुपुर्द किया।

भवन उपलब्ध होने के बाद बछरूडूबा आंगनबाड़ी केंद्र में पूरक पोषण आहार वितरण, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गतिविधियां, गर्भवती और शिशुवती माताओं के लिए परामर्श सेवाएं तथा विभागीय योजनाओं का लाभ फिर से नियमित रूप से प्रदान किया जा रहा है।

जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से क्षेत्र के बच्चों को बेहतर पोषण और गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा का वातावरण उपलब्ध हुआ है। साथ ही यह पहल इस बात का भी संदेश देती है कि शासकीय परिसंपत्तियों का उपयोग जनहित और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकार और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव मिल सके।

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