अमरपुर के बड़का जोभी में दर्दनाक हादसा तालाब में डूबने से पति-पत्नी की मौत

कुसमी/बचाने के प्रयास में पत्नी भी कूदी रिश्तेदार जसमती को ग्रामीण ने सुरक्षित निकाला शव वाहन नहीं मिलने से निजी वाहन से अस्पताल पहुंच गए
कुसमी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत अमरपुर के आमादारा मैं बडका जोभी स्थिति वन विभाग के तालाब में डूबने से पति-पत्नी की दर्दनाक मौत हो गई है मृतकों की पहचान मुनेश्वर नाग 50 वर्ष और उसकी पत्नी घुघरी नाग 45 वर्ष के रूप में हुई है इस हादसे के बाद शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी पहुंचने के लिए शव वाहन उपलब्ध नहीं हो सका जिसके चलते सरपंच के सहयोग से निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार मृतक मुनेश्वर नाग 14 अगस्त को बिना बताए अपने भांजा भरत नाग के यहां अमरढाहा पारा चला गया था इसकी जानकारी मिलने के बाद उसकी पत्नी घुघरी नाग अपनी दीदी जसमती के साथ अमरढाहा पारा पहुंची 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमरढाह स्थित प्राथमिक शाला में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में भी उन्होंने भाग लिया।
लौटते समय तालाब में गिर गए मुनेश्वर
15 अगस्त की शाम करीब 4 बजे मुनेश्वर नाग उसकी पत्नी घुघरी नाग और जसमती पैदल आमादारा लौट रहे थे दोनों गांव के बीच करीब 2 किलोमीटर का जंगली रास्ता है इसी दौरान बड़का जोभी स्थित वन विभाग के तालाब के पास अचानक मुनेश्वर नाग तालाब में गिर गया उन्हें डूबता देख पत्नी घुंघरी नाग उन्हें बचाने के लिए तालाब में कूद गए पानी गहरा होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके मुनेश्वर और घुघरी को डूबता देख जसमती भी उन्हें बचाने के लिए पानी में उतर गई इसी दौरान ग्रामीण अर्जुन नगेसिया की नजर तीनों पर पड़ी बहुत तत्काल मौके पर पहुंचकर जसमती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन तब तक मुनेश्वर नाग और घुघरी नाग गहरे पानी में डुब चुके थे काफी प्रयास के बावजूद दोनों को नहीं बचा जा सका।
चौकीदार के जरिए पुलिस को मिली जानकारी
घटना के बाद अर्जुन नगेसिया ने मामले की जानकारी गांव के चौकीदार को दी इसके बाद चौकीदार के द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया देर रात सुचना मिलने के कारण पुलिस 16 अगस्त को घटना स्थल पर पहुंची ग्राम पंचायत के सरपंच महेंद्र पैकरा और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा कार्रवाई की गई इसके बाद दोनों शवों को तालाब से बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी भेजा गया।
शव वाहन नहीं मिला निजी वाहन से अस्पताल पहुंचे शव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में शव वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण दोनों शवों को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया अस्पताल पहुंचने में देर शाम होने के करण 16 अगस्त को पोस्टमार्टम नहीं हो सका दोनों शवों को अस्पताल के मर्करी रूम में रखा गया 17 अगस्त को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। कुसमी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी।
शव परिवहन व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने कुसमी क्षेत्र में शव वाहन की आवश्यकता को एक बार फिर सामने ला दिया है ग्रामीणों का कहना है कि दुरुस्त वनांचल क्षेत्र से शव को अस्पताल तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है सरकारी सो वाहन उपलब्ध नहीं होने के कारण निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ती है जिससे अस्पताल पहुंचने में समय लग जाता है और पोस्टमार्टम अगले दिन करवाना पड़ा।
बलरामपुर जिले में चार शव वाहन 1099 पर कॉल की सुविधा
बलरामपुर सीएमएचओ विजय सिंह ने बताया कि जिले में वर्तमान में चार शव वाहन उपलब्ध है। इसमें एक वाड्रफनगर एक शंकरगढ़ दो बलरामपुर क्षेत्र में हैं उन्होंने बताया कि 1099 पर कॉल करने पर नजदीकी स्थान और वाहन की उपलब्धता के आधार पर शव वाहन
की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
हालांकि अमरपुर की घटना में शवों को निजी वाहन से कुसमी लाना पड़ा, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग की शव परिवहन व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं।





