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छत्तीसगढ़

हिंडालको में भुगतान विवाद पर ट्रक मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल

कुसमी/21 अप्रैल से भुगतान लंबित होने का ट्रक मालिकों का आरोप; खदानों व कांटा घरों में ट्रकों की लंबी कतार, लोडिंग-परिवहन ठप – हिंडाल्को ने कहा, कंपनी की ओर से ट्रांसपोर्टर का कोई बकाया नहीं

हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सामरी माइंस से जुड़े ट्रांसपोर्टरों और ट्रक मालिकों के बीच भुगतान को लेकर विवाद गहरा गया है। भुगतान लंबित होने का आरोप लगाते हुए ट्रक मालिकों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के कारण सामरी क्षेत्र में बॉक्साइट परिवहन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। विभिन्न बॉक्साइट खदानों और कांटा घरों में ट्रकों की लंबी कतार लग गई है, जबकि खदानों में बॉक्साइट का चट्टा लगाए जाने के बावजूद लोडिंग का काम पूरी तरह ठप पड़ गया है।

ट्रक मालिकों ने 13 अगस्त, गुरुवार को जीएन कंस्ट्रक्शन के नाम से ज्ञापन हिंडाल्को महाप्रबंधन कुसमी-सामरी को सौंपा। ज्ञापन की प्रतिलिपि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुसमी, थाना प्रभारी सामरी, तहसीलदार सामरी तथा कलेक्टर बलरामपुर को भी दी गई है। ट्रक मालिकों का दावा है कि ट्रांसपोर्टिंग कार्य के एवज में उनका भुगतान 21 अप्रैल 2026 से लंबित है। उनका कहना है कि लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण वाहन की किस्त, चालक-परिचालक का वेतन, डीजल, रखरखाव सहित अन्य खर्चों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। इसी के चलते उन्होंने भुगतान होने तक परिवहन कार्य बंद रखने का निर्णय लिया है। खदानों में बॉक्साइट का चट्टा, लोडिंग पूरी तरह ठप ट्रक मालिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का सीधा असर हिंडाल्को की बॉक्साइट परिवहन व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। हड़ताल के कारण विभिन्न बॉक्साइट खदानों और कांटा घरों में ट्रकों की लंबी कतार लग गई है। खदानों में मजदूरों द्वारा बॉक्साइट का चट्टा लगाए जाने का काम जारी है, लेकिन ट्रकों के संचालन पर रोक के कारण बॉक्साइट की लोडिंग और परिवहन का काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इससे खदानों में तैयार बॉक्साइट के उठाव और परिवहन पर भी असर पड़ रहा है। ‘भुगतान नहीं तो परिवहन नहीं’ ट्रक मालिकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक लंबित भुगतान का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक परिवहन कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। बड़ी संख्या में ट्रक मालिक हड़ताल पर बैठे हैं और परिवहन में लगे वाहन खदानों, कांटा घरों तथा मार्ग के आसपास खड़े हैं। ट्रक मालिकों ने प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर भुगतान संबंधी समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

एसडीएम बोले- मामला संज्ञान में, हिंडाल्को को तलब किया मामले को लेकर एसडीएम कुसमी अनमोल विवेक टोप्पो ने कहा कि ट्रक मालिकों की हड़ताल और भुगतान संबंधी मामला प्रशासन के संज्ञान में है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में हिंडाल्को प्रबंधन को सूचना दी गई है तथा उन्हें तलब किया गया है। एसडीएम ने कहा कि हिंडाल्को प्रबंधन से जानकारी लेने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र में हिंडाल्को द्वारा बॉक्साइट का परिवहन किया जा रहा है, ऐसे में कंपनी की जिम्मेदारी बनती है। ट्रक मालिकों का अहित नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें भुगतान दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।

हिंडाल्को प्रबंधन ने कहा- कंपनी की ओर से कोई बकाया नहीं वहीं, भुगतान विवाद को लेकर हिंडाल्को सामरी के प्रबंधन ने ट्रक मालिकों के आरोपों से अलग स्थिति बताई है। हिंडाल्को सामरी के प्रबंधन से जुड़े राजेश राठौर ने बताया कि कंपनी की ओर से ट्रांसपोर्टरों को समय पर भुगतान किया जाता है और कंपनी की तरफ से एक रुपये भी बकाया नहीं है। उन्होंने बताया कि कंपनी का अनुबंध सीधे ट्रांसपोर्टरों के साथ है। ट्रांसपोर्टर बिल प्रस्तुत करते हैं और कंपनी द्वारा उन्हें भुगतान कर दिया जाता है। इसके बाद ट्रांसपोर्टर के माध्यम से ट्रक मालिकों को भुगतान किया जाता है। राजेश राठौर के अनुसार, उन्होंने इस संबंध में ट्रांसपोर्टर से बात की है। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि करीब 80 प्रतिशत राशि ट्रक मालिकों को भुगतान कर दिया जाता है। इसके अलावा वाहनों के मेंटेनेंस से संबंधित आवश्यक खर्च भी दिए जाते हैं। कुछ भुगतान अभी शेष हैं, जिन्हें बातचीत के माध्यम से शीघ्र कराने का प्रयास किया जाएगा।

भुगतान व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल..
पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल भुगतान की प्रक्रिया और उसकी निगरानी को लेकर उठ रहा है। ट्रक मालिकों का आरोप है कि उन्हें 21 अप्रैल 2026 से परिवहन कार्य का भुगतान नहीं मिला है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर, हिंडाल्को प्रबंधन का कहना है कि कंपनी की ओर से ट्रांसपोर्टर के बिलों का भुगतान किया जाता है और कंपनी स्तर पर कोई राशि बकाया नहीं है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि कंपनी द्वारा ट्रांसपोर्टर को बिल प्रस्तुत किए जाने के बाद भुगतान कर दिया जाता है, तो ट्रांसपोर्टर और ट्रक मालिकों के बीच भुगतान की प्रक्रिया में देरी आखिर किन कारणों से हो रही है..?

क्या ट्रांसपोर्टर स्तर पर भुगतान वितरण की कोई स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित है..?
क्या कंपनी द्वारा ट्रक मालिकों तक भुगतान पहुंचने की स्थिति की निगरानी की जाती है..? और यदि भुगतान कंपनी से ट्रांसपोर्टर तक पहुंच चुका है, तो 21 अप्रैल से भुगतान लंबित होने का ट्रक मालिकों का दावा ट्रांसपोटर के लापरवाही की ओर इशारा करता है।

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