
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कोटा मंडल की उल्लेखनीय उपलब्धियाँ
आय, समयपालन, माल लदान, सुरक्षा, यात्री सुविधा और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में दर्ज की महत्त्वपूर्ण प्रगति
कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में आय, यात्री सेवा, माल व्यवसाय, समयपालन, सुरक्षा, संरक्षा, यात्री सुविधा तथा अधोसंरचना विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा मंडल ने वर्षभर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए अनेक महत्त्वपूर्ण लक्ष्य प्राप्त किए हैं।
मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि –
1. आय के क्षेत्र में मंडल ने ₹1577.56 करोड़ की कुल आय अर्जित की, जो पिछले वर्ष से 4.22% अधिक तथा मंडल के इतिहास की सर्वाधिक आय है। यात्री आय ₹580.62 करोड़ (4.68% वृद्धि) तथा संड्री राजस्व ₹51.04 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष से 24.17% एवं लक्ष्य से 12.38% अधिक है। मंडल से प्रारंभ होने वाले यात्रियों की संख्या 316.86 लाख रही, जो पिछले वर्ष से 7.37% तथा लक्ष्य से 5.27% अधिक है।
2. माल लदान एवं माल व्यवसाय के क्षेत्र में मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7.335 मिलियन टन माल लदान किया, जो पिछले वर्ष के 7.297 मिलियन टन से अधिक है। इस लदान से लगभग 910 करोड़ का राजस्व आया l वर्ष के दौरान सुंदलक, सवाई माधोपुर तथा झालरापाटन गुड्स शेड से नए माल ट्रैफिक की सफल शुरुआत हुई, जिससे मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
3. समयपालन के क्षेत्र में कोटा मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों में 91.89% समयपालन दर्ज किया, जो निर्धारित लक्ष्य 91% से अधिक है। वर्ष के दौरान मंडल ने 10 दिनों पर शत-प्रतिशत समयपालन का गौरव भी हासिल किया।
4. कवच एवं मिशन रफ्तार के अंतर्गत मथुरा–कोटा–नागदा खंड के 549 रूट किलोमीटर पर कवच वर्जन 4.0 सफलतापूर्वक कमीशन किया गया तथा 87 WAP-7 इंजनों में कवच ऑनबोर्ड यूनिट स्थापित की गईं। मिशन रफ्तार में 160 किमी/घंटा गति उन्नयन हेतु 4 कर्व रियलाइनमेंट, 1825 एच-बीम स्लीपर, 30 ओआर स्विच प्रतिस्थापन, 33 पुलों का पुनर्वास तथा 405 TKM 2×25 kV ओएचई कमीशन किया गया। वर्ष भर में 19,394 किलोमीटर हाई स्पीड ट्रायल रन संचालित किए गए, जिनमें 180 किमी/घंटा तक के परीक्षण शामिल रहे।
5. गति शक्ति कार्गो टर्मिनल के रूप में वर्ष 2025-26 में मंडल के 2 नए गति शक्ति कार्गो टर्मिनल — सुंदलक एवं मंडलगढ़ — प्रारंभ किए गए, जिनसे क्षेत्र के कृषि, टेक्सटाइल एवं स्टोन ट्रैफिक को नई गति मिली और मंडल के माल राजस्व में सकारात्मक योगदान हुआ।
6. नई ट्रेन सेवा के रूप में गाड़ी संख्या 20155, डॉ. अम्बेडकर नगर–नई दिल्ली एक्सप्रेस का वर्ष के दौरान सफल शुभारंभ किया गया, जिससे क्षेत्र के यात्रियों को नई सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हुई।
7. अधोसंरचना विकास में वर्ष के दौरान 07 फुट ओवर ब्रिज लॉन्च किए गए (04 — 12 मीटर चौड़ाई, 03 — 3.6 मीटर चौड़ाई)। 04 मेमू रेकों में कोच संख्या 8 से बढ़ाकर 12 की गई, जिससे यात्री वहन क्षमता में वृद्धि हुई। 54 स्टेशनों पर दिव्यांगजन हेतु निर्धारित सुविधाएँ उपलब्ध कराई गईं तथा अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत चयनित स्टेशनों पर विकास कार्य निरंतर आगे बढ़ाए गए।
8. रेल मदद शिकायत निवारण में कोटा मंडल ने भारतीय रेल के समस्त मंडलों में सर्वाधिक 89.98% उत्कृष्ट एवं संतोषजनक फीडबैक प्राप्त किया। शिकायत निस्तारण का औसत समय मात्र 17 मिनट रहा, जो पश्चिम मध्य रेलवे में सबसे कम है, और 79% शिकायतों पर फीडबैक प्राप्त हुआ।
9. सुरक्षा एवं संरक्षा के क्षेत्र में गैर-परिणामी दुर्घटनाओं की संख्या पिछले वर्ष के 6 से घटकर मात्र 1 रह गई तथा 2 मानवयुक्त समपार फाटक बंद किए गए। रेलवे सुरक्षा बल ने “नन्हे फरिश्ते” अभियान में 198 बच्चों को बचाया, “अमानत” अभियान में 363 यात्रियों का छूटा सामान वापस दिलाया तथा 1335 व्यक्तियों के विरुद्ध अनधिकृत गतिविधियों में कार्रवाई की।
कोटा मंडल सुरक्षित, समयबद्ध, विश्वसनीय और यात्री-केंद्रित रेल सेवा प्रदान करने के लिए सतत प्रतिबद्ध है।




