छत्तीसगढ़

जांजगीर के शासकीय टीसीएल कॉलेज में मनाया गया 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस'

रायपुर/विद्यार्थियों ने लिया राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संकल्प

देश के बंटवारे के दौरान नफरत और हिंसा की वजह से लाखों लोगों ने संघर्ष किया और बलिदान दिया। उन्हीं की याद में आज 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया गया।

शासकीय टीसीएल स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जांजगीर में ‘भारत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ का भावपूर्ण आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वर्ष 1947 में भारत के विभाजन के दौरान विस्थापन, अमानवीय हिंसा और असीम पीड़ा झेलने वाले लाखों निर्दोष लोगों की स्मृति को नमन करना तथा युवा पीढ़ी को इस ऐतिहासिक घटना के मानवीय पहलुओं से अवगत कराना था।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. डी. आर. लहरे ने की। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई तथा विभाजन की त्रासदी से प्रभावित परिवारों के अभूतपूर्व संघर्षों को याद किया।

राष्ट्रीय एकजुटता की नींव को और अधिक मजबूत बनाना है

​युवाओं को संबोधित करते हुए वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एम. एल. पाटले ने कहा कि इतिहास के ऐसे त्रासद और कठिन अध्यायों को स्मरण करने का मूल उद्देश्य समाज में विद्वेष फैलाना नहीं, बल्कि आपसी सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकजुटता की नींव को और अधिक मजबूत बनाना है।

देश की संप्रभुता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द को सदैव अक्षुण्ण रखने के सामूहिक संकल्प लिया गया

​कार्यक्रम का समापन देश की संप्रभुता, अखंडता, सामाजिक सौहार्द और परस्पर प्रेम की भावना को सदैव अक्षुण्ण रखने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। कार्यक्रम के दौरान छात्रों को भारत विभाजन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनाओं और उसके दूरगामी सामाजिक- मानवीय प्रभावों से विस्तार से परिचित कराया गया। इस गरिमामय आयोजन में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. पी. के. सिंह, कार्यक्रम अधिकारी आर. के. चंद्रा एवं डॉ. पुष्पा सिंह उपस्थित थे।

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