छत्तीसगढ़

स्कूलों, कॉलेजों, जेल, होमगार्ड, मंदिरों और सामाजिक आयोजनों में गूंजा नशामुक्ति का संकल्प

अंबिकापुर/स्वतंत्रता दिवस एवं सावन उत्सव में मातृशक्ति और पेंशनर समाज ने भी दिया नशामुक्त समाज निर्माण का संदेश

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी ‘10 करोड़ नशामुक्त प्रतिज्ञा महा-अभियान’ के तहत् अंबिकापुर सहित संपूर्ण सरगुजा संभाग में जनजागरूकता की एक नई लहर देखने को मिल रही है। इस महा-अभियान के अंतर्गत सरगुजा संभाग में अब तक 100000 से अधिक लोग नशा न करने और दूसरों को भी नशा नहीं करने के प्रति जागरूक करने का संकल्प ले चुके हैं।


अभियान के तहत् शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, केंद्रीय जेल, प्रमुख मंदिरों, होमगार्ड के जवानों को भी सकारात्मक जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया। पेंशनर समाज की बैठकों और महिलाओं के सावन उत्सव कार्यक्रमों में विशेष प्रतिज्ञा सत्र आयोजित किए गए।


ब्रह्मकुमारीज के बी के भाई बहनों एवं नवा बिहान नशामुक्ति जागरूकता अभियान एवं परामर्श केंद्र सरगुजा की टीम द्वारा शहर के प्रमुख स्कूलों और कॉलेजों में नशा मुक्ति के लिए आयोजित सत्रों में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और जीवन में कभी भी किसी भी प्रकार का नशा न करने का दृढ़ संकल्प लिया। केंद्रीय जेल अंबिकापुर में बंद कैदियों को मानसिक शांति और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।जहाँ बड़ी संख्या में बंदियों ने व्यसन मुक्ति की शपथ ली।
समभाव महिला मंच की महिलाओं द्वारा आयोजित सावन उत्सव के मंच से नशामुक्त परिवार का संदेश दिया गया। वहीं पेंशनर समाज के वरिष्ठ नागरिकों ने अपने अनुभव के आधार पर समाज को व्यसन मुक्त बनाने में पूर्ण सहयोग करने का वचन दिया।

अंबिकापुर के प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को भी व्यसनों से दूर रहकर आध्यात्मिक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही आज अंबिकापुर के यूथ प्लेयर ग्रुप से जुड़े खिलाड़ियों के लिए नव विश्व भवन चोपड़ा पारा में कार्यक्रम का आयोजन किया गया ।जिसमें खिलाड़ियों को राजयोग द्वारा तनावमुक्त जीवन के लिए सकारात्मक जीवन शैली की विधि सिखाई गई। साथ ही नशामुक्ति का संदेश दिया गया एवं प्रतिज्ञा कराई गई।


ब्रह्माकुमारीज अंबिकापुर केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी विद्या दीदी की ने बताया कि नशा केवल शरीर को ही नहीं बल्कि व्यक्ति के मानसिक संतुलन, परिवार और समाज की आर्थिक स्थिति को भी बर्बाद करता है। संस्था का उद्देश्य राजयोग मेडिटेशन और आत्मिक ज्ञान के माध्यम से जन-जन को आंतरिक शक्ति प्रदान करना है।ताकि वे आसानी से व्यसनों से मुक्त होकर एक स्वस्थ व खुशहाल समाज का निर्माण कर सकें।
यह महाअभियान संभाग के अन्य क्षेत्रों में भी 20 अगस्त तक निरंतर जारी रहेगा। ताकि प्रत्येक नागरिक तक नशामुक्ति का यह संदेश पहुँच सके।

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